
A | राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन में 34 सदस्य अपना गैर सरकारी संकल्प लेकर पहुंचे। इनमें सबसे अधिक मामले प्रखंड, अनुमंडल, जिला बनाने व डिग्री कॉलेजों की मांग से संबंधित थे। डिग्री कॉलेजों की मांग से संबंधित संकल्पों पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सभी सदस्यों को आश्वस्त किया कि डिग्री कॉलेज स्थापित करने के लिए कुछ कानूनी मानक हैं। आबादी, भौगोलिक क्षेत्र आदि के अध्ययन के बाद ही डिग्री कॉलेज खोलने की अनुमति दी जाती है।,वर्तमान में बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करने के मामले संवेदनशील हैं। ऐसी स्थिति में डिग्री कॉलेजों की मांगों को पूरा करने के लिए सरकार पुनर्विचार करेगी। विधायक उदय शंकर सिंह ने सारठ प्रखंड में डिग्री कॉलेज, विधायक निर्मल महतो ने बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के खैराचातर पंचायत में डिग्री कॉलेज व विधायक दशरथ गगराई ने सरायकेला-खरसांवा के कुचाई प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग की थी।,इसके अलावा गैर सरकारी संकल्प के दौरान विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र के पेसका, ओखरगाड़ा, डुमरिया, विश्रामपुर व गोदरमाना को प्रखंड व विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र में नरसिंहपुर पथरा को प्रखंड बनाने की मांग की।,विधायक रामचंद्र सिंह ने लातेहार के बरवाडीह प्रखंड को अनुमंडल, विधायक सुरेश कुमार बैठा ने खलारी प्रखंड को अनुमंडल का दर्जा दिलाने की मांग की। विधायक अनंत प्रताप देव ने श्री बंशीधर नगर ऊंटारी को गढ़वा जिला से विभाजित कर अलग नया जिला बनाने की मांग की।,वहीं, विधायक प्रकाश राम ने बालूमाथ को अनुमंडल बनाने की मांग की। जिला, प्रखंड व अनुमंडल बनाने की मांग संबंधित गैर सरकारी संकल्पों के जवाब में प्रभारी मंत्री दीपक बिरुवा ने सभी संबंधित सदस्यों से कहा कि वे अपने संबंधित उपायुक्त व आयुक्त के माध्यम से एक प्रस्ताव सरकार को भिजवाएं।,प्रखंड, अनुमंडल व जिला के लिए पहले से मानक तय हैं। मानक के अनुरूप अनुशंसा होने पर सरकार उसपर गंभीरता से विचार करेगी। डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के एक गैर सरकारी संकल्प पर प्रभारी दीपक बिरुवा ने सदन को आश्वस्त किया कि शीतकालीन सत्र के पहले विस्थापन आयोग का गठन हो जाएगा। विधायक जयराम कुमार महतो ने गैर सरकारी संकल्प में बीएसएल, टीटीपीएस, सीटीपीएस, बीटीपीएस, पीटीपीएस, केटीपीएस, ईसीएल, सीसीएल, बीसीसीएल, एचईसी, चांडिल डैम, डिमना डैम, कोनार, मैथन, पंचेत, तेनुघाट डैम की परियोजना के विस्थापितों का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि ये विस्थापित वर्षों से अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है। विधायक श्वेता सिंह ने बोकारो इस्पात संयंत्र के विस्थापित गांवों को पंचायती राज व्यवस्था में अविलंब शामिल की भी मांग उठाई थी।。 评论 发表。
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Published on:21:26:10
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